आज की ताजा खबर

बिल्हौर तहसील में निफाज के नाम पर अवैध वसूली के आरोप, किसान परेशान

top-news

बिल्हौर, कानपुर नगर। बिल्हौर तहसील में अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित उदासीनता के चलते किसान और फरियादी परेशान हैं। नामांतरण आदेशों का निफाज कराने के लिए किसानों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आरोप है कि निफाज में देरी के कारण कई किसान फार्मर रजिस्ट्री का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

अधिवक्ताओं और किसानों का आरोप है कि तहसील में निफाज के नाम पर कथित तौर पर 200 से 500 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद काम कराने के लिए किसानों को अतिरिक्त रकम देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।


बिल्हौर तहसील के अधिवक्ता अश्वनी सिंह, सुनील शर्मा और जीतू श्रीवास्तव ,शरीक सहित अन्य अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न पटलों पर प्राइवेट कर्मचारियों की कथित धनउगाही के कारण तहसील के कामकाज पर असर पड़ रहा है।

अधिवक्ताओं का यह भी आरोप है कि खतौनी कार्यालय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्तर से भी किसानों से पैसे लिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।किसानों का कहना है कि नामांतरण आदेश का समय से निफाज नहीं होने से उन्हें फार्मर रजिस्ट्री समेत अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आरोप है कि तहसील में प्राइवेट कर्मचारियों की बढ़ती भूमिका और कथित वसूली पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।मामले को लेकर किसानों और अधिवक्ताओं ने उच्च अधिकारियों से तहसील के पटलों की जांच कराने, निफाज की प्रक्रिया को समयबद्ध करने तथा कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।

अब देखना यह है कि प्रशासन इन आरोपों की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है। वही मामले में उप जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है जल्द ही मामले की जांच कर कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

https://lokbharti.co.in/ad/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *